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General

The Story game

Yesterday night, WE played a game. A story game, where each person says just one line of a story spun by him and the yarn is spun around. The game started with a dark night when the night was dark and ended with the break of the dawn… afterall we Friends are Insomniacs!!

Here it is – Unabridged!!!

एक अँधेरी रात थी और सूरज उगने वाला था. एक लड़की डरी-डरी सी, सहमी-सहमी सी, अकेली सड़क पैर दबे पाओं जा रही थी, अपने आँचल को सँभालते हुए, अपने बालो को सवारंते हुए, जापान पर हुए अत्याचार का जवाब सोचते हुए | तभी आशीष की नींद टूट गई और उसका सपना अधूरा रह गया | उसने हडबडा कर अपने आसपास देखा और देखा कि कोमल वहीं लेटी हुई थी. कोमल आशीष की ६ साल की बच्ची थी, जिसकी माँ उसको जन्म देते ही मर गई थी | उठते ही उसने माँ की तस्वीर की तरफ देखा और उसकी आंखे भर आई |

आशीष ने सोचा, कल तो उसने अपनी बेटी को बहला फुसला के सुला दिया था, आज कैसे सुलाए? जिन्दगी थोडी मुश्किल सी लगने लगी. उसे याद आया उसकी माँ का वो सफ़र ही आखरी था, और उसे एहसास हुआ कि जापान पे हुए अत्याचार तो उस पर हुए अत्याचार के सामने कुछ नहीं थे | आशीष ने सोचा के अगर वो उस अन्तर-आकाशगंगीय यात्रा पर न निकला होता तो आज उसकी बीवी उसके साथ होती, और फिर पूरी घटना उसकी आँखों के सामने घूमने लगी और उसकी आँखे भर आई | तभी एक पडोसी ने आकर उसको दिलासा दिया, और कहा कि The Hitchhikers Guide to the Galaxy पढो | उसने सोचा कि यह सुन कर कोमल चुप हो जायेगी, पर तभी आशीष ने अपने पडोसी की तरफ देखा तो पडोसी को ध्यान आया के यह कहानी कैसे पड़ेगा, यह तो अँधा है, यह सोच कर पडोसी की आंखे भी भर आई | तभी उसका १८ साल का कुत्ता ब्रूनो (Bruno) दौड़ता हुआ कमरे मैं आया और पडोसी ने घूम कर दरवाजे की तरफ देखा और सोचा के यह कैसे हो सकता है ? ? ?

एक सुन्दर सी कन्या दरवाजे पर खड़ी थी, वह आशीष के भाई की बड़ी लड़की रेशमा थी, जिसने उस कुत्ते को बचपन से अपने बच्चे की तरह पाला था | कोमल उस कुत्ते को देख कर खिलखिलाने लगी | आशीष विस्मित हो गया, यही तो वो लड़की थी जो उसके सपनो मैं आ रही थी | इधर यह सब देख कर कुत्ते की आँखे भर आई, लेकिन पडोसी को यह समझ नहीं आया के यह दोनों (कुत्ता और वो लड़की ) दरवाजा बंद होने के बाद भी अन्दर कैसे आये!! पडोसी सोचने लगा कही वो साया कोमल की माँ तो नहीं थी??

फिर रेशमा ने कोमल को बाँहों मैं भींच लिया | इस दुखद माहौल को देखते हुए पडोसी ने सोचा के कुछ किया जाये!! और उसने अपना N97 मोबाइल निकला और उस पर गाना चला दिया “कजरारे कजरारे तेरे काले काले नैना” … गाना सुन कर रेशमा का मन मचल उठा और वो कुत्ते के साथ नाचने लगी | पडोसी की आंखे खुसी से भर आई |

इन घटनाओं से दूर स्पेस शिप (Spaceship) के कोने मैं कहीं कुछ हो रहा था | शायद उस ६ साल की बच्ची का प्यार उसे फिर से इस दुनिया मैं खीच लाया था | फिर कोमल कुत्ते के साथ खेलते-खेलते बाहर चली गई | स्पेस शिप के उस कोने मैं कही कोई वाइरस (virus) आ गया था. और Paging की किसी गडबडी की वजह से Anti-virus physical memory मैं load नहीं हो पा रहा था | Time Calculator ख़राब होने से स्पेस शिप पाषण युग मैं पहुच गया था | कोमल कुत्ते के साथ उसी कोने मैं पहुँची क्योंकि कुत्ते को मल्-मूत्र त्याग करना था |

पीछे-पीछे सभी लोग स्पेस शिप से उतर कर Turon ग्रह पर आ गए | देखते ही देखते वो कुछ अजीब सी शक्लो वाले प्राणियो से घिर चुके थे, और वो अजीब से प्राणी गोल-गोल घूम कर अजीब सी आवाज निकल रहे थे | सभी लोगो ने सोचा के हम यह कहा आ गए??

रेशमा को किसी खतरे का आभास हो रहा था, वाइरस ने अपना काम कर दिया था और तभी स्पेस शिप मैं एक भयानक विस्फोट हुआ… इन सभी ने भगवान का शुक्र किया के वह सभी स्पेस शिप से सही समय से उतर आये, परन्तु आसपास के जीवों का भय उन्हें अभी भी सता रहा था |

इन सभी घटनाओं से दूर पृथ्वी पर Commando Head Quarter मैं Turon का वो द्रुश्य चित्रित हो रहा था | वही दूसरी और कोमल के साथ सभी लोग उस ग्रह के राजा के यहाँ पहुंचे | राजा ने उन सभी का अभिवादन किया और उन सभी को भोजन कराया और Turon ग्रह की एक बहुत बड़ी समस्या से अवगत कराया | राजा ने उन्हें अपनी समस्या अपने इष्ट देव का दूत समझ कर बताई | उनके इष्ट देव की मूर्ति देख कर सब के सब भौचक्के रह गए | वह हुबहु ब्रूनों की मूरत थी और ब्रूनो की इतनी लम्बी उम्र का रहस्य उन्हें समझ में आने लगा | रेशमा ने ध्यान दिया कि ब्रूनों में अजीब से बदलाव आ गए थे | ब्रूनो उस ग्रह के जिस किसी भी प्राणी को छु लेता, वह गोल-गोल घूमना बंद कर देता |

ब्रूनों का शरीर पहले से जयादा बलिष्ठ हो गया था और उसकी आँखों का रंग लाल हो गया था | राजा ने उन्हें अपनी समस्या का पुनः विवरण दिया |

उनके ग्रह पर पिछले 18 साल से रात नहीं हुई थी, और और वहाँ की जमीन भी दिन ब दिन बंज़र होती जा रही थी | किसी को समझ नहीं आ रहा था कि इसका कारण क्या | राजा ने इन लोगों से आग्रह किया कि इस समस्या का कुछ समाधान करें | कुछ देर विश्राम करने के बाद सब के सब राजा के साथ ग्रह भ्रमण पर निकले और उन्होंने देखा कि ब्रूनों जैसा कोई और जीव इस ग्रह पर नहीं है |

ब्रूनो लगातार इधर उधर कुछ दूंध रहा था | आशीष को छोड़ कर बाकि सब लोग पाषण युग मैं आने से बहुत परेशान थे | तभी उन्होंने देखा के Turon ग्रह के सबसे बुजुर्ग प्राणी उन्हीं की तरफ आ रहे है | उन्होंने ब्रूनो के कान में कुछ फुसफुसाया और फिर उसने ढूँदना बंद कर दिया | वो एक गुप्त जगह पर गया और वहां पर उसने जमीन से खोद कर एक अजीब सा पत्थर निकला जो बहुत चमक रहा था | ब्रुनो ने वो चमकता हुआ पत्थर लाकर उस बुजुर्ग आदमी को दिया जिसका नाम नॉर्थ डकोटा (North Dakota) था. नॉर्थ डकोटा ने उस पत्थर को देख कर बताया कि आज से 18 साल पहले एक और स्पेस शिप आय था और वो यहाँ से ब्रूनो को ले गए थे, और यही पत्थर उन्हें पाषण युग से निक|ल सकता है, परन्तु यहाँ आशीष के अलावा किसी और का यहाँ तकनीकी ज्ञान न था और वो अपनी आँखे खो चूका था |

तभी नॉर्थ डकोटा ने कहा कि इस पत्थर को पुनः इष्ट देव के मंदिर मैं स्थापित करना होगा, पर होनी को कुछ और ही मंजूर था | अचानक ब्रूनो ने उस पत्थर को चाटना शुरू कर दिया और उसके चाटते ही उससे दिव्य रौशनी निकलने लगी | उस पत्थर पर पाषण युग की भाषा मैं कुछ लिखा था, और वो लिखा हुआ वाक्य Turon ग्रह पर एक श्राप था |

रेशमा पुरातन भाषाओ की ज्ञाता थी, उसने कहा कि यह वाक्य आधा है. नॉर्थ डकोटा बोला “हमें इसका दूसरा टुकडा ढूँदना है, अब हमारे ग्रह की मुक्ति मैं यही एक बाधा है | लेकिन किसी को इस बात का इल्म नहीं था के वो दूसरा पत्थर इस गृह पर है या नहीं और उनके पास कहीं और जाने की तकनीकी सुविधा नहीं थी |

तभी आशीष बोला कि वो Time Machine बना सकता है, पर उन लोगो को पता नहीं था के उस पत्थर का दूसरा हिस्सा जिसे वो बड़ी बेसब्री से खोज रहे हैं उनसे थोडी ही दूर पृथ्वी पर Commando Headquarter पर था. लेकिन समस्या यह थी के पृथ्वी पर जाया कैसे जाये क्योंकि spaceship ध्वस्त हो गया था और आशीष आपनी आँखे खो चूका था |

Turon से दूर पृथ्वी के वायु मंडल से उपर एक स्पेस शिप जिसमें रेशमा का boyfriend था और उसे उस स्पेस शिप के नष्ट होने के सिग्नल (signal) मिल गए थे और उसे वहां का सारा नज़ारा दिख रहा था | Commando Headquarter के chief ने 18 साल पहले लाये पत्थर को Turon पहुचाने का आदेश दिया |

क्षण भर मैं ही वह स्पेस शिप पहुँच गई परन्तु वह ग्रह के दुसरे कोने में उतरे और उन्होंने ध्वनि संकेत दिया | ध्वनि संकेत से ब्रूनो के कान खड़े हो गए और वेह स्पेस शिप की और दोड़ गया | यह वही पथ था जिस पर आशीष के सपने में रेशमा चल रही थी, और वेह सभ भी ब्रूनो के पीछे चल पड़े |

उन्होंने पीछे मुड़ के देखा तो नॉर्थ डकोटा कुछ कहना चाह रहे थे, वो उन्हें आगे आने वाले खतरे से अवगत करना चाह रहा था | उसके कुछ कहने से पहले सैकडो तीर जाने किस दिशा से कोमल की तरफ आ रहे थे | इससे पहले कि वह तीर उस तक पहुचते, न जाने कहाँ से वो पत्थर का दूसरा हिस्सा पत्थर के पहले हिस्से से टकराया | पत्थर के टकराने से सरे तीर नष्ट हो गए और एक दिव्य रौशनी ने उस ग्रह को शाप मुक्त कर दिया |

उस ग्रह के सभी प्राणी ठीक हो गए, ब्रूनो को अपने जीवन से मुक्ति मिल गई, आशीष की आँखों की रौशनी वापस आ गई और रेशमा का खोया प्यार वापस मिल गया |

उसके बाद Turon ग्रह पर एक अँधेरी रात आई और एक कमरे मैं रेशमा और उसका प्रेमी “. …. …”.

दूर खडा पडोसी कुटिल मुस्कान से हस रहा था, सारा षड्यंत्र उसी का था | आशीष ने भी उसे पहचान लिया था. यह पडोसी रेशमा का वेह प्रेमी था जो अपना प्यार अपने दिल मैं ही दबा कर रह गया था | और उसने यह षड्यंत्र रेशमा के साथ दूसरे ग्रह पर अकेला पाने पाने के लिए रचा था. यह सभी लोग उड़न तश्तरी मैं बैठ कर वापस पृथ्वी की तरफ चले गए लेकिन उसमें पडोसी नहीं था |

वह रेशमा को अपने प्रेमी की बाहों मैं खुश देख कर यहीं रह जाने का फैसला कर चूका था और वो उस अंधियारी रत मैं चल पड़ा, सहमा हुए, दबे पाँव से, जापान पे हुए अत्याचार के बारे मैं सोचते हुए, “जापान” नाम का वह पडोसी |

Authors:

  1. Bakri sir (Abhishek Singh)
  2. Mota Bhai (Abhinav Yadav)
  3. Keshav Don
  4. Bana (Siddhartha Joshi)
  5. Lambu (Atul Singh)
  6. Siyaar a.k.a. CR (Anuj Kumar)
  7. Mamma (Anurag Singh)
  8. n main sala Mohit

This story doesn’t have a name yet, go ahead… give a name to this story!!! or discuss anything you want to.. I guess Atul still has a lot to add…..